मेष लग्न में मंगल का बारह (12) भावो में फल योग. प्रथम भाव में मंगल का होना मेष लग्न की कुंडली बनाता है। मंगल की दृष्टि स्वगृही से 4 ,7 और 8 होता है। मेष लग्न के प्रत्येक भावों में मंगल कैसा परिणाम देंगे यह आपको क्रमशः पता चलेगा। प्रथम भाव में मंगल लग्नेश होने के कारण बहुत अच्छा प्रभाव देते है।